"चिकित्सा समाज सेवा है,व्यवसाय नहीं"

Showing posts with label शहद. Show all posts
Showing posts with label शहद. Show all posts

Friday, 16 June 2017

डाक्टर की राय ------ शमीम खान / आचार्य कौशल कुमार

स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं





Tuesday, 15 December 2015

सूजी , तेजपात, बादाम ,शहद से हृदय - रक्तचाप चिकित्सा

स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं


सूजी को रवे और सेमोलिना भी कहा जाता है। सूजी गेहूं से बनती है, ये उसी का एक प्रकार है। सूजी का इस्तेमाल हलवे, इडली, रवा डोसा और उपमा आदि के लिए किया जाता है। सूजी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि ये खाने में बहुत हल्की होती है।इसी वजह से छोटे बच्चों, ऐसे बुजुर्गों जिनके दांत नहीं होते और मरीज़ों को सूजी से बनी डिश दी जाती हैं। आइये जानते हैं सूजी के सभी फायदों के बारे में विस्तार से।

एनर्जी बढ़ाए
सूजी ऐनर्जी बढ़ाने के लिए भी जानी जाती है। ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छी है जिनका लाइफस्टाइल बहुत एक्टिव होता है। ये आपको दिन भर एक्टिव रखती है, अच्छा परफॉर्म करने में मदद करती है और आलस से भी बचाती है। अगर आप सूजी की डिश बना रहे हैं तो उसमें सब्जियां भी मिला लें ताकि उसमें बेहतर फ्लेवर आए और फाइबर की मात्रा भी बढ़ जाए।
हड्डियों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखे
सूजी आपकी हड्डियों और नर्वस सिस्टम के लिए भी अच्छी है। ये हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर उनको मज़बूत बनाती हैं और स्वस्थ रखती हैं। इसमें फास्फोरस, ज़िंद और मैग्नीशियम होता है जो कि नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के काम आता है।
दिल के लिए अच्छी
सूजी आपके लिए के लिए टॉनिक की तरह होती है। ये आपकी दिल की सेहत को बेहतर बनाती है और दिल के दौरे का जोखिम कम करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेमोलिना यानी सूजी में सेलेनियम बहुत उच्च मात्रा में होता है जो कि इंफेक्शन को रोक कर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। 

अनुवादक – Shabnam Khan
 
************************************************************************
स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं




Tuesday, 20 May 2014

पुदीना,शहद,बेल आदि से प्रकृतिक उपचार

http://religion.bhaskar.com/article/FM-AN-yoga-mint-tea-benefits-4582076-PHO.html
उज्जैन। गर्मी में पुदीना खाने का टेस्ट बढ़ाने के लिए उपयोग में लाया जाता है। बहुत ही कम लोग जानते हैं कि ये एक बहुत अच्छी औषधि भी है यह गर्मी झेलने की शक्ति रखता है। पुदीने को गर्मी और बरसात की संजीवनी बूटी कहा गया है। इसकी स्वाद और सुगंध दोनों ही बहुत लाभदायक है। पुदीना विटामिन-ए से भरपूर होता है। पुदीने की चटनी स्वादिष्ट तो होती ही है, यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। पुदीने का अर्क दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 

पुदीना कफ, गैस, उल्टी, पेट दर्द, बुखार, दस्त और मतली में बहुत फायदेमंद होता है। सिरदर्द और त्वचा रोग में लाभकारी होता है। इसीलिए पुदीने के पौधे में कैफीन नहीं होता है। जिसकी वजह से यह बहुत सारे रोगों से लड़ने में भी मदद करता है, आइए जानते हैं पुदीने की चाय पीने से होने वाले फायदों के बारे में ....
- जिन लोगों को गैस व एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें खाने के बाद एक कप पुदीना चाय पीना चाहिए। इससे पेट दर्द, गैस व एसिडिटी जैसी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

- बस, कार और ट्रेन में चक्कर और मतली कि परेशानी होती है तो इससे बचने के लिए घर से निकलने से पहले एक कप  पुदीने की गर्म चाय पीना चाहिए।
- पुदीना हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाता है, यह दर्द को भी खत्म करता है। साथ ही, पाचन क्रिया को सुधरता है और भोजन को पचाने में भी मदद करता है।

- पुदीना पिंपल्स में बहुत लाभदायक होता है। इसमें मेंथोल होता है जो त्वचा को ठंडक देता है, इसकी शीतलता तैलीय त्वचा को सॉफ्ट बना देती है।

-  स्किन पर जलन की समस्या में पुदीना चाय दवा का काम करती है। यह चकत्ते, जलन, कीड़े के काटने, खुजली और त्वचा में सूजन जैसी त्वचा समस्याओं का इलाज करने में भी सहायक है।
- पुदीने की चाय के नियमित इस्तेमाल से बाल खूबसूरत होने लगते हैं। इसकी चाय में कुछ ऐसे भी गुण होते हैं, जिससे बाल चमकीले और घने हो जाते हैं।

- गर्मी के मौसम में लू लगने से बचने के लिए पुदीने की चटनी को प्याज डालकर बनाएं। अगर इसका सेवन नियमित रूप से किया जाए तो लू लगने की आशंका खत्म हो जाती है।

- नमक के पानी के साथ पुदीने के रस को मिलाकर कुल्ला करें तो गले की खराश और आवाज का भारीपन दूर हो जाता है। आवाज साफ हो जाती है।

- एक गिलास पानी में 8-10 पुदीने की पत्तियां, थोड़ी-सी काली मिर्च और जरा सा काला नमक डालकर उबालें। 5-7 मिनट उबालने के बाद पानी को छानकर पिएं, खांसी, जुकाम और बुखार से राहत मिलेगी।
 *****************************************************************************



Sunday, 17 November 2013

हाई ब्लड प्रेशर है :साईकिल चलाएं,शहद व अमरूद खाएं ---

  
उपरोक्त स्तुति को सुबह आठ बार और सोते समय आठ बार पश्चिम की ओर मुंह करके जाप करें । धरती से इंसुलेशन बनाते हुये बैठें अर्थात लकड़ी के तख्त पर या ऊनी वस्त्र या पोलीथीन शीट बिछा कर बैठें। दिया हुआ मंत्र 9 या 18 या 27 बार करें ;जहां-जहां ॐ आए ज़रा ज़ोर से उच्चारण करें। ॐ उच्चारण से 'नाभि'की कसरत हो जाती है जिससे सारे नर्व्स खुल जाते हैं। यह मंत्र हाई बी पी,लो बी पी,हार्ट समस्या,मानसिक चिंता आदि मे लाभ देता है।
ॐ भू :ॐ भुव:ॐ स्व:ॐ तत्सवितुर्वरेण्यम भर्गों देवस्य धीमहि ॐ धियो यो न: प्रचोदयात॥

बायोकेमिक दवा-KALI PHOS 6 X  का 4 tds सेवन करें। अथवा 10-10 मिनट के अंतर पर 4-4-4 गोली चूस लें।
निश्चय ही लाभ होगा।
 
शहद के गुणकारी घरेलू नुस्खे.............
*कई बार हम साधारण सी बीमारी में भी घबरा जाते हैं लेकिन अगर हमें थोड़ा भी घरेलू नुस्खों के बारे में पता हो तो आसानी से तुरंत इलाज किया जा सकता है। दादी-नानी के खजाने से हम लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ खास लाजवाब सरल-सहज नुस्खे, जिन्हें अपना कर आप भी पा सकते हैं निरोगी काया :

__* अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है।

* पके आम के रस में शहद मिलाकर देने से पीलिया में लाभ होता है।

* जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है।

* उल्टी (वमन) के समय पोदीने के रस के साथ शहद का प्रयोग लाभकारी रहता है।

* शुष्क त्वचा पर शहद, दूध की क्रीम व बेसन मिलाकर उबटन करें। इससे त्वचा की शुष्कता दूर होकर लावण्यता प्राप्त होगी।

* एक गिलास दूध में बिना शकर डाले शहद घोलकर रात को पीने से दुबलापन दूर होकर शरीर सुडौल, पुष्ट व बलशाली बनता है।

* शहद नित्य सेवन निर्बल आमाशय व आंतों को बल प्रदान करता है।

* प्याज का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से कफ निकल जाता है तथा आंतों में जमे विजातीय द्रव्यों को दूर कर कीड़े नष्ट करता है। इसे पानी में घोलकर एनीमा लेने से लाभ होता है।

* हृदय की धमनी के लिए शहद बड़ा शक्तिवर्द्धक है। सोते वक्त शहद व नींबू का रस मिलाकर एक ग्लास पानी पीने से कमजोर हृदय में शक्ति का संचार होता है।

* पेट के छोटे-मोटे घाव और शुरुआती स्थिति का अल्सर शहद को दूध या चाय के साथ लेने से ठीक हो सकता है।

* सूखी खाँसी में शहद व नींबू का रस समान मात्रा में सेवन करने पर लाभ होता है।

* शहद से मांसपेशियां बलवती होती हैं।

* बढ़े हुए रक्तचाप में शहद का सेवन लहसुन के साथ करना लाभप्रद होता है।

* अदरक का रस और शहद समान मात्रा में लेकर चाटने से श्वास कष्ट दूर होता है और हिचकियां बंद हो जाती हैं।

* संतरों के छिलकों का चूर्ण बनाकर दो चम्मच शहद उसमें फेंटकर उबटन तैयार कर त्वचा पर मलें। इससे त्वचा निखर जाती है और कांतिवान बनती है।

* कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा।
 
अमरुद खाने के फायदे :
अमरुद में विटामिन सी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे त्वचा संबधित रोग नहीं होते हैं। इसमें विटामिन,फाइबर और मिनरल प्रचुर मात्रा में होता है जो कब्ज की समस्याओं से निजात दिलाता है| जिन व्यक्तिओं के नाक-कान से खून आता हो, उन्हें भी अमरूद का सेवन करना चाहिए। सिर्फ यही नहीं अमरुद एसिडिटी, अस्थमा, ब्लडप्रेशर, मोटापा आदि समस्याओं में भी फायदा पहुंचाता है।

यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है साथ ही साथ यह पित्त रोगों में भी मददगार होता है। वैसे भी अमरूद ऐसा फल है, जो लोगों की जेब का भी हिसाब रखता है| इसलिए अगर आप भी सुंदर और स्वस्थ बनना चाहते है तो आज से ही अमरूद का सेवन शुरू कर दें।



* अमरुद फेफड़ो को स्वस्थ रखता है|
*अमरुद खाने से हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है|

*ये खून के बहाव को ठीक रखता है जिससे ह्रदय स्वस्थ रहता है।
*ये दमा के रोगियों को फायदा पहुँचाता है|
* अमरुद खाने से पेट की बदहजमी की समस्या ठीक हो जाती है|ये कब्ज को भी ठीक कर देता है।
*अमरुद मोटापे को भी कम करता है|
* अमरुद में अधिक मात्रा में विटामिन c पाया जाता है जो की शरीर के प्रतिरक्षा तन्त्र को मजबूत बनाता है जिससे हमें सर्दी, खांसी, जुकाम जैसे बीमारियाँ नहीं होती|
* ये रक्तस्त्राव के रोग को भी ठीक कर देता है|
* इसमें केल्शियम भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो की हमारे शरीर की हड्डियों और दाँतों को स्वस्थ रखता है|